Ayurveda's Most Loved Free Mock Test Platform AYUSH INFO HUB offers Mock Test for different Ayurveda competitive exams. Get Back On Your Seat...........Ready! Exam Times Up!! PRACTICE YOUR HARDWORK Please fill required information before you start. NameEmailPhone Number 1 / 10 चरकानुसार वाक्य दोष में परिगणित विरूद्ध कितने प्रकार का होता है - पाँच दो तीन चार 2 / 10 "साध्याभावव्याप्तो हेतु " किसके सन्दर्भ में कहा गया है- हेतु व्याप्ति हेत्वाभास अन्वय 3 / 10 रक्तपित्त की चिकित्सार्थ प्रारम्भ में कौन सा उपक्रम निर्दिष्ट है- शोधन विरेचन लंघन व तर्पण स्तंभन 4 / 10 रक्तज गुल्म की चिकित्सार्थ निर्दिष्ट "पलल" शब्द का क्या अर्थ कृशरा माँस का टुकड़ा कोई नहीं तिलपिष्ट 5 / 10 "पद्माकारं तालुमध्ये तु शोफं" सुश्रुतानुसार उपर्युक्त कथन किस व्याधि का द्योतक है- तालुपुप्पुटक अधुष अलास तालु अर्बुद 6 / 10 "क्षयात् संधारणाद्रोक्ष्यात व्यायामात क्षुधितस्य च" चरकानुसार किस स्रोतस की दुष्टि के कारण है- प्राणवह मेदोवह रसवह मांसवह 7 / 10 पतञ्जली के योगदर्शन का प्रथम पाद है- विभूति पाद साधनपाद समाधिपाद कैवल्य पाद 8 / 10 कल्क का नीरस व कोमल हो जाना किस स्नेहपाक का द्योतक है - (शार्गधर) मृदुपाक आमपाक मध्यपाक खरपाक 9 / 10 “प्लीहाभि वृद्धि जठरं ......... रिक्त स्थान को पूरा करें शोथं गुल्मं उदरं अर्श 10 / 10 अतत्त्वाभिनिवेश है - एक महागद शारीरिक व्याधि एक मानस व्याधि महागद व मानस व्याधि Your score isThe average score is 26% 0% Restart quiz